LAW'S VERDICT

एमपी विधानसभा चुनाव 2023: विधायक गोविन्द सिंह राजपूत पर झूठे हलफनामे और संपत्ति छिपाने के आरोप


हाईकोर्ट में राजपूत से हारे नीरज शर्मा ने दाखिल की हाईकोर्ट में याचिका,  राजकुमार सिंह की याचिका के साथ होगी सुनवाई  

जबलपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से जुड़ा एक अहम मामला अब और मामला  हाईकोर्ट पहुंच गया है। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए विधायक गोविन्द सिंह राजपूत के खिलाफ एक और रिट याचिका  दायर की गई है। इससे पहले सागर जिले के धनोरा गाँव में रहने वाले राजकुमार सिंह ने भी  एक याचिका दाखिल की थी। इन दोनों ही मामलों में आरोप लगाया गया है कि प्रत्याशी गोविन्द सिंह राजपूत  द्वारा नामांकन के समय जानबूझकर अपनी चल-अचल संपत्तियों की जानकारी छिपाई गई और सुरखी विधानसभा सीट पर नवंबर 2023 में हुए चुनाव में  झूठा शपथ-पत्र (False Affidavit) प्रस्तुत किया।  हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीज़न बेंच ने इन दोनों ही याचिकाओं की सुनवाई एक साथ करने के निर्देश दिए हैं।   

Representation of the People Act और IPC के उल्लंघन का आरोप

याचिका के अनुसार, दिनांक अप्रैल 2025 को गोविन्द सिंह राजपूत द्वारा गलत शपथ पत्र देने की एक शिकायत चुनाव आयोग को दी गई थी ,  जो अभी तक  लंबित है। इसमें Representation of the People Act, 1951 की धाराओं 33, 33A, 33C, 125C और 125-A के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं 177, 181, 191, 193, 199, 200 और 420 के तहत भी अपराध बनता है, क्योंकि कथित रूप से गलत और अधूरी जानकारी जानबूझकर दी गई।

मतदाताओं के मौलिक अधिकारों के हनन का मुद्दा

याचिका में कहा गया है कि इस तरह की जानकारी छिपाने से मतदाताओं के Article 19(1)(a) के तहत सूचना के अधिकार और Article 324 के तहत स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के संवैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन हुआ है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि मतदाता सही जानकारी के अभाव में सूचित निर्णय (Informed Choice) नहीं ले सके, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई।

खुद प्रत्याशी रहे याचिकाकर्ता, संकीर्ण अंतर से हारे चुनाव

गौरतलब है कि याचिकाकर्ता नीरज शर्मा खुद  विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 37, सुरखी (जिला सागर) से उम्मीदवार थे। उनका आरोप है कि वे बहुत कम अंतर से चुनाव हारे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कथित संपत्ति छिपाने और झूठे हलफनामे का चुनाव परिणाम पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा। 

WP-39711-2025

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